सेक्टर 42 के सरकारी कॉलेज में चहेतों को नौकरी देने और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को छुट्टियों में रिलीव करने के मुद्दे पर आंदोलन करेंगे : रंजीत मिश्रा

सेक्टर 42 के सरकारी कॉलेज में चहेतों को नौकरी देने और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को छुट्टियों में रिलीव करने के मुद्दे पर आंदोलन करेंगे : रंजीत मिश्रा

निकाले गए आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों को पिछले दो महीनों से नहीं मिली सैलरी
चण्डीगढ़ : यू.टी. चंडीगढ़ सबोर्डिनेट फेडरेशन, चंडीगढ़ ने पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज, सेक्टर-42, चंडीगढ़ में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान प्रिंसिपल बीनू डोगरा द्वारा रिलीव किए जाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
इसके अतिरिक्त फेडरेशन ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग, यू.टी. चंडीगढ़ के अधीन पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज, सेक्टर-42, चंडीगढ़ ने दिनांक आज से कछ चहेतों को छोड़ सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को ग्रीष्मकालीन अवकाश का हवाला देते हुए कार्यमुक्त जुलाई तक (रिलीव) कर दिया है, जबकि संबंधित आउटसोर्सिंग टेंडर अभी भी प्रभावी एवं वैध है।

फेडरेशन ने कहा कि यू.टी. चंडीगढ़ के अन्य शिक्षण संस्थानों एवं विभागों में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को वैकल्पिक कार्य आवंटित कर सेवाओं में बनाए रखा गया है, परंतु पी.जी.जी.सी. सेक्टर-42 में पिछले कई वर्षों से छुट्टियों के दौरान आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने की परंपरा अपनाई जा रही है, जो कर्मचारियों के हितों के विपरीत है।
अगर पिछले 10 साल का कॉलेज से रिकॉर्ड मांगा जाए की किन-किन कैटिगरी को पहले रिलीव करते थे। सिर्फ एक दिन के लिए इनको कालेज रिलीव करता था कॉलेज जैसे सफाई कर्मचारी ,माली ,चौकीदार ।
परन्तु कुछ ऐसे चहेतों को रखा गया है जो नए नए नौकरी पर आए थे ।
आज कुछ एक ऐसे कर्मचारियों को कॉलेज प्रशासन ने रख लिया है जिनको कुछ साल या कुछ महीने हुए हैं और जो पुराने कर्मचारी है लगभग 10 से 15 साल काम करते हो गए हैं कॉलेज में उन सभी को कॉलेज प्रशासन ने रिलीव कर दिया ।
अभी तक निकाले गए आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों को दो महीनों से सैलरी भी नहीं दी गई है ।
कर्मचारियों को इस अवधि में वेतन नहीं मिलने के कारण उनके समक्ष अपने परिवार का पालन-पोषण करना, बच्चों की शिक्षा, किराया तथा दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना अत्यंत कठिन हो जाएगा।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित इन कर्मचारियों के लिए यह निर्णय गंभीर वित्तीय संकट उत्पन्न करेगा।
फेडरेशन ने मांग की है कि किसी भी आउटसोर्सिंग कर्मचारी को छुट्टियों के नाम पर कार्यमुक्त न किया जाए तथा पहले से रिलीव किए गए सभी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से पुनः सेवाओं में बहाल किया जाए।
इससे सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ के मेहनतकश एवं गरीब श्रमिक वर्ग की आजीविका सुरक्षित रहेगी तथा उन्हें इस अवधि में आय से वंचित होने से बचाया जा सकेगा।
फेडरेशन ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कर्मचारियों का बेरोजगार हो जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
बिना वेतन के वे अपने तथा अपने परिवार की दैनिक जरूरतों की वस्तुएं खरीदने में भी असमर्थ हो जाएंगे।
अतः मानवीय आधार पर प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप कर प्रभावित कर्मचारियों को राहत प्रदान करनी चाहिए।
फेडरेशन के प्रधान रंजीत मिश्रा ने कहा कि एक ओर कुछ चहेते कर्मचारियों को निरंतर कार्य पर बनाए रखा गया है, जबकि दूसरी ओर कई आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को छुट्टियों के दौरान कार्यमुक्त कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की कार्रवाई से कर्मचारियों में असंतोष और असुरक्षा की भावना पैदा हुई है।
फेडरेशन ने मांग की है कि कॉलेज प्रशासन एवं शिक्षा विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाएं तथा रिलीव किए गए सभी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से पुनः बहाल किया जाए।
साथ ही भविष्य में कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो और पारदर्शी नीति अपनाई जाए।
फेडरेशन ने डायरेक्टर हायर एजुकेशन, यू.टी. चंडीगढ़ से हस्तक्षेप कर प्रभावित कर्मचारियों को न्याय दिलाने तथा उनकी सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने की मांग की है।



