जिला परिषद एवं पंचायत समिति कर्मचारियों को वेतन न मिलने पर सरकार को अवमानना नोटिस

जिला परिषद एवं पंचायत समिति कर्मचारियों को वेतन न मिलने पर सरकार को अवमानना नोटिस

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कर्मचारियों को समय पर वेतन देने के निर्देश दिए थे
चण्डीगढ़ : पंजाब की विभिन्न जिला परिषदों एवं पंचायत समितियों में कार्यरत कर्मचारियों को मार्च 2026 से वेतन और अन्य देय भुगतान न मिलने का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। इस संबंध में पंजाब पंचायत समिति एवं जिला परिषद कर्मचारी संघ ने अधिवक्ता मुकेश पंडित के माध्यम से ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग, पंजाब के प्रशासनिक सचिव तथा विभाग के उप नियंत्रक (वित्त एवं लेखा) को अवमानना नोटिस जारी किया है।
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 6 अक्टूबर 2023 को सीडब्ल्यूपी-7169-2020 में पारित आदेश के बावजूद कर्मचारियों को नियमित रूप से वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कर्मचारियों को समय पर वेतन देने के निर्देश दिए थे।
कर्मचारी संघ के अनुसार मार्च 2026 से वेतन लंबित होने के कारण कर्मचारियों और उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मचारी घरेलू खर्च, बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ हो रहे हैं।
नोटिस में यह भी कहा गया है कि विभाग द्वारा 18 मार्च 2026 को जारी एक ज्ञापन के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे जिला परिषद एवं पंचायत समिति कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान रुक गया, जो हाईकोर्ट के आदेशों का उल्लंघन है।
अधिवक्ता मुकेश पंडित ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई न्यायालय के आदेशों की जानबूझकर अवहेलना है, जो अवमानना अधिनियम, 1971 तथा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 215 के तहत सिविल कंटेम्प्ट की श्रेणी में आती है।
नोटिस के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर लंबित वेतन एवं अन्य देय राशि जारी करने तथा कर्मचारियों को नियमित रूप से वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करने को कहा गया है। अन्यथा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।



