news

पीजीआई में रेडियोथेरेपी कैडर पुनर्गठन पर फिर उठे सवाल, विवाद लगातार जारी

पीजीआई में रेडियोथेरेपी कैडर पुनर्गठन पर फिर उठे सवाल, विवाद लगातार जारी

चण्डीगढ़ : स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) के रेडियोथेरेपी तकनीकी संवर्ग में चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब कैडर रिस्ट्रक्चरिंग ( संवर्ग पुनर्गठन) के लिए नियुक्त परामर्शदाता जी.एस. संधू की नियुक्ति एवं उनकी भूमिका को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े किए गए हैं।

 

एसोसिएशन ऑफ रेडिएशन थैरेपिस्ट्स ने पीजीआईएमईआर के निदेशक को पत्र लिखकर जी.एस. संधू को संवर्ग पुनर्गठन समिति से हटाने की मांग की है। एसोसिएशन का आरोप है कि उनकी नियुक्ति कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के दिशा-निर्देशों के विपरीत की गई है। साथ ही, 70 वर्ष की अधिकतम आयु सीमा पार करने के बावजूद उन्हें मनमाने ढंग से पद पर बनाए रखा गया है।

 

एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि रेडियोथेरेपी संवर्ग पुनर्गठन प्रक्रिया में उनकी भूमिका संदिग्ध रही है तथा पूर्व में भी उनकी निष्पक्षता और नियुक्ति को लेकर प्रश्न उठ चुके हैं।

 

मामले को और गंभीर बताते हुए एसोसिएशन ने कहा कि राज्य दिव्यांग आयुक्त की अदालत भी पूर्व में उनकी नियुक्ति एवं निष्पक्ष भूमिका पर आपत्ति जता चुकी है। एसोसिएशन के अनुसार, इस मामले में पीजीआईएमईआर प्रशासन पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।

 

एसोसिएशन के सचिव अमर कबीर ने आरोप लगाया कि संस्थान में डीओपीटी द्वारा निर्धारित नियमों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

 

गौरतलब है कि रेडियोथेरेपी तकनीकी संवर्ग में रोस्टर प्रणाली, आरक्षण, पद संरचना तथा संवर्ग संतुलन को लेकर पहले से ही विवाद बना हुआ है।

Ravinder Popli

House No. 3592, Sector 35 D, Chandigarh 9988293592/9780863592

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *