आज के समय में धर्म को केवल पूजा-पाठ और माला जप तक सीमित कर दिया गया है, जबकि धर्म का दायरा इससे कहीं व्यापक है : कथा व्यास विजय शास्त्री

आज के समय में धर्म को केवल पूजा-पाठ और माला जप तक सीमित कर दिया गया है, जबकि धर्म का दायरा इससे कहीं व्यापक है : कथा व्यास विजय शास्त्री
चण्डीगढ़ : सेक्टर-27 स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर में एक धर्म सभा का आयोजन भारतीय सांस्कृतिक ज्ञान चंडीगढ़ के अनूप सरीन और उनकी टीम ने किया। इस अवसर पर संतों, विद्वानों और धर्माचार्यों ने धर्म, राष्ट्र और समाज के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। मुनिश्री प्रतीक सागर ने कहा कि हम सब सबसे पहले भारतीय हैं और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र सुरक्षित रहेगा तो धर्म भी सुरक्षित रहेगा और तभी मानवता का अस्तित्व कायम रह सकेगा। उन्होंने समाज से एकजुट होकर राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। कथा व्यास विजय शास्त्री ने कहा कि आज के समय में धर्म को केवल पूजा-पाठ और माला जप तक सीमित कर दिया गया है, जबकि धर्म का दायरा इससे कहीं व्यापक है। उन्होंने महाभारत का उदाहरण देते हुए कहा कि जीवन में सत्य और न्याय के लिए खड़ा होना ही सच्चा धर्म है और अन्याय का विरोध करना भी धर्म का ही स्वरूप है।



