दिव्य गौ कथा के प्रथम दिन गूंजी गौ माता की महिमा

दिव्य गौ कथा के प्रथम दिन गूंजी गौ माता की महिमा

गौ माता सर्वदेवमई है : पूज्य चंद्रकांत जी महाराज
चण्डीगढ़ : श्री सनातन समाज चेरिटेबल ट्रस्ट और श्री राधा कृष्ण मंदिर, सेक्टर 40-ए के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘दिव्य गौ कथा’ का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिवस पर प्रख्यात कथा वाचक आदरणीय चंद्रकांत जी महाराज ने गौ माता की महिमा, सनातन धर्म की विशिष्टता और भारतीय संस्कृति के मूल अर्थों पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कथा व्यास चंद्रकांत जी महाराज ने शास्त्रों, विशेषकर पद्म पुराण और स्कंद पुराण का प्रमाण देते हुए बताया कि गौ माता का स्वरूप दिव्य और सर्वदेवमई है। उन्होंने विस्तार से वर्णन किया कि गाय के सींगों के मूल में भगवान ब्रह्मा व विष्णु और अग्रभाग में महादेव शिव का वास है। गौ माता की आँखों में सूर्य और चंद्रमा का निवास माना जाता है। गौ मूत्र में साक्षात गंगा और गोमय (गोबर) में महालक्ष्मी जी का वास होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, गाय के रोम-रोम में ३३ कोटि (प्रकार) के देवी-देवताओं का वास है, इसलिए गौ-सेवा से सभी देवताओं की कृपा स्वतः प्राप्त हो जाती है।
श्री सनातन समाज चेरिटेबल ट्रस्ट से अजय सिंगला ने बताया कि प्रथम दिवस की कथा में समाज के विभिन्न वर्गों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से ट्रस्ट की ओर से विकास गोयल, दीपक मित्तल, रुचि कपूर, अनिता बावा और मधुरिमा, प्रसिद्ध समाजसेवी गिरधारी लाल जिंदल, मंदिर सभा की ओर से बी. पी. अरोड़ा, विपिन कपूर, ए. पी. चोपड़ा एवं समस्त कार्यकारिणी सदस्य व भारत विकास परिषद की ओर से सुमन गुप्ता, श्री राकेश सहगल और एस. आर. शर्मा व रेसिडेंट वेलफेयर सोसाइटी अध्यक्ष संजीव ग्रोवर आदि मौजूद रहे।
कथा के दौरान लगभग 300 से अधिक श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ कथा का श्रवण किया। मंदिर परिसर ‘गौ माता की जय’ और ‘सनातन धर्म की जय’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि आगामी दिनों में गौ माता के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व पर और अधिक विस्तृत चर्चा की जाएगी।



