मनीमाजरा के बच्चों के स्कूल दाखिले में आ रही भारी दिक्कतों के समाधान हेतु प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा निदेशक से की मुलाकात

मनीमाजरा : यहाँ के सरकारी स्कूलों में बच्चों के दाखिले को लेकर मचे हाहाकार के बीच आज एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ के शिक्षा निदेशक (डीएसई) नितीश सिंगला, पीसीएस से मुलाकात कर उन्हें जमीनी हकीकत से अवगत कराया।
जनता की शिकायतों पर एसोसिएशन का कड़ा संज्ञान:
पिछले काफी समय से मनीमाजरा क्षेत्र के निवासी और अभिभावक लगातार रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मिलकर अपने बच्चों के एडमिशन में आ रही गंभीर बाधाओं के बारे में शिकायतें कर रहे थे। क्षेत्रवासियों ने बताया कि ‘शिक्षा का अधिकार’ होने के बावजूद उनके बच्चों को स्थानीय स्कूलों में प्रवेश के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। जनता की इसी समस्या को प्राथमिकता देते हुए आज एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा निदेशक के पास पहुँचा।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा निदेशक को एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें मुख्य रूप से मनीमाजरा क्षेत्र, विशेषकर पीपली वाला टाउन और मॉडर्न कॉम्प्लेक्स (नजदीकी सब्जी मंडी) के बच्चों को ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ (RTE) के तहत उनके निवास स्थान के पास स्थित स्कूलों में प्रवेश दिलाने का मुद्दा उठाया गया।
गवर्नमेंट मॉडल मिडल स्कूल, हाउसिंग कॉम्प्लेक्स का मुद्दा:
मुलाकात के दौरान पिपली वाला टाउन रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान रमेश कुमार गोयल, ऑल मनीमाजरा वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान एस.एस. परवाना और वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजबीर सिंह भारतीय ने विशेष रूप से गवर्नमेंट मॉडल मिडल स्कूल, मनीमाजरा हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में व्याप्त अव्यवस्थाओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि इस स्कूल के संबंध में पहले भी कई बार लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है।
निदेशक का आश्वासन:
प्रतिनिधिमंडल की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए शिक्षा निदेशक श्री नितीश सिंगला ने आश्वासन दिया कि वे स्वयं इस मामले को देखेंगे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भविष्य में मनीमाजरा के बच्चों के दाखिले में कोई तकनीकी या प्रशासनिक दिक्कत नहीं आने दी जाएगी और पुरानी शिकायतों का भी त्वरित निपटारा किया जाएगा।
इस मुलाकात के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि विभाग के सकारात्मक रुख से क्षेत्र के बच्चों को उनके कानूनी अधिकार के अनुसार पास के स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर सुलभ होगा।
पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि जनता की इन जायज मांगों और बच्चों के भविष्य से जुड़ी इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे आगे की रणनीति तैयार करने
पर मजबूर होंगे।



