शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी ने मलोया के 58 जरूरतमंद बच्चों के साथ मनाई दीवाली, उपहार और मिठाइयां बांटकर दिया स्नेह का संदेश
ट्राइसिटी इंटेलिजेंसिया की अनूठी पहल, माता-पिता को खो चुके बच्चों के जीवन में खुशियां भरने का किया प्रयास


(पुनीत महाजन)
चंडीगढ़, 5 नवंबर। दीवाली खुशियों और रोशनी का त्योहार है, लेकिन समाज में ऐसे भी कई बच्चे हैं जिनके जीवन में अपनों के बिछड़ने का दर्द है। इन बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने और उन्हें अपनत्व का एहसास करवाने के उद्देश्य से ट्राइसिटी इंटेलिजेंसिया ग्रुप ने गुरुवार को राजकीय मॉडल हाई स्कूल, पुनर्वास कॉलोनी नंबर-2, मलोया में विशेष दीवाली कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर स्कूल के 58 विद्यार्थियों को दीवाली के उपहार और मिठाइयां वितरित की गईं।


कार्यक्रम में चंडीगढ़ प्रशासन की शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी, आईएएस, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने स्वयं बच्चों को दीवाली के उपहार और मिठाइयां भेंट कीं तथा सभी बच्चों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इन 58 बच्चों में से आठ ऐसे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है, जबकि अन्य 50 बच्चों के सिर से पिता का साया उठ चुका है। ऐसे में त्योहारों के दौरान इन बच्चों को परिवार और समाज के स्नेह एवं सहयोग का एहसास करवाना इस पहल का मुख्य उद्देश्य रहा। कार्यक्रम को बेहद सादगीपूर्ण रखा गया, ताकि पूरा ध्यान बच्चों के साथ खुशियां बांटने और उन्हें यह विश्वास दिलाने पर रहे कि वे समाज में अकेले नहीं हैं।
ट्राइसिटी इंटेलिजेंसिया के सदस्यों ने भी बच्चों के बीच उपस्थित रहकर उन्हें आशीर्वाद दिया और उनके साथ दीवाली की खुशियां साझा कीं।
उल्लेखनीय है कि ट्राइसिटी इंटेलिजेंसिया ने राजकीय मॉडल हाई स्कूल, पुनर्वास कॉलोनी नंबर-2, मलोया को गोद लिया हुआ है। संस्था की ओर से विद्यालय के विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहायता उपलब्ध करवाने के साथ-साथ उनके अच्छे स्वास्थ्य और सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। दीवाली पर आयोजित यह कार्यक्रम इसी सामाजिक प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
ट्राइसिटी इंटेलिजेंसिया ग्रुप ने कौशल फाउंडेशन के सहयोग से शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी का विशेष आभार व्यक्त किया। ग्रुप के सदस्यों ने कहा कि अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद बच्चों के बीच पहुंचकर उनके साथ त्योहार मनाना उनकी संवेदनशीलता और बच्चों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस पहल के माध्यम से संस्था ने संदेश दिया कि त्योहारों की असली खुशी केवल अपने परिवार के साथ उत्सव मनाने में नहीं, बल्कि जरूरतमंद बच्चों के जीवन में प्रेम, अपनापन और खुशियों की रोशनी फैलाने में है।

