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दिवियांगता के जाली प्रमाण पत्रों की भरमार

दिवियांगता के जाली प्रमाण पत्रों की भरमार

चंडीगढ़ 19 सितंबर भारत में कुल जनसंख्या का 10% से अधिक दिव्यांग हैं । दिव्यांगों के लिए बने 2016 के PWD ACT के अनुसार दिव्यांगों की 21 श्रेणियां हैं। सरकारी नौकरी के लिए भर्ती में इन के लिए 4% आरक्षण किया गया है।

 

फिज़ीकली हैंडीकैपड एसोसिएशन पंजाब, चंडीगढ़ के साबका अध्यक्ष बलवंत सिंह दर्दी ने बताया कि आए दिन समाचार पत्रों में दिव्यांगता के जाली प्रमाण पत्र वना कर सरकारी नौकरी और सुविधाए लेने के समाचार छपते रहते हैं । राजस्थान , हरियाणा , चंडीगढ़ व पंजाब में भी ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं। कुछ महीने पहले चंडीगढ़ कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से कुछ दिव्यांग लोगों ने सरकारी नौकरी प्राप्त की थी । शक होने पर उनके दिव्यांगता प्रमाण पत्रों की पड़ताल की गई और उनमें से 13 उमीदवारों के प्रमाण पत्र जाली पाए गए। उन पर सैक्टर 3 थाने मे FIR दर्ज है। उनमें दिल्ली , हरियाणा, यूपी और गुजरात के लोग शामिल हैं।
अभी हाल ही में एक व्यक्ति जो किई सालों से GMCH- 32 के अधीन काम कर रहा था, की दिव्यांगता 30% पाई गई जब कि 40% से कम प्रतिशत वाले को दिव्यांग नहीं माना जाता और ना ही ऐसा व्यक्ति दिव्यांग व्यक्तियों को मिलने वाली कोई सहूलियत ले सकता है।
श्री दर्दी ने आगे कहा कि संबंधित दफ्तर ने अभी तक उस कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। जबकि दिव्यांगों के लिए बने RPWD ACT की धारा 91 के अनुसार किसी ऐसे व्यक्ति , जो दिव्यांग न हो कर, दिव्यांगों को मिलने वाली कोई सहूलियत लेता है तो उसे दो साल की जेल और एक लाख रुपए जुर्माना हो सकता है।
श्री दर्दी ने मांग की कि जिन लोगों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र गलत पाए गए हैं उनके खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि असली दिव्यांग व्यक्तियों को इन्साफ मिल सके ।

बलवंत सिंह दर्दी
साबका अध्यक्ष,फिज़ीकली हैंडीकैपड एसोसिएशन पंजाब चंडीगढ़।
मुबाइल न 9217739399

Ravinder Popli

House No. 3592, Sector 35 D, Chandigarh 9988293592/9780863592

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