फाइलों में स्मार्ट एजुकेशन, जमीन पर कीचड़ ही कीचड़!

फाइलों में स्मार्ट एजुकेशन, जमीन पर कीचड़ ही कीचड़!

रायपुर खुर्द के सरकारी स्कूल की बदहाल हालत पर समाजसेवी अरविंद सिंह ने उठाए सवाल

चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन जहां शिक्षा के क्षेत्र में बड़े-बड़े दावे कर रहा है और स्मार्ट एजुकेशन की बातें की जा रही हैं, वहीं गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रायपुर खुर्द के बाहर की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है।
समाजसेवी अरविंद सिंह ने स्कूल के आसपास की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि स्कूल में करीब 3000 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन बरसात के दिनों में स्कूल तक पहुंचने वाले रास्तों पर कीचड़ और गंदगी का साम्राज्य बन जाता है। बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अरविंद सिंह ने कहा कि सांसद बदले, पार्षद बदले, जनप्रतिनिधि बदले, लेकिन रायपुर खुर्द के स्कूल के बाहर की तस्वीर आज भी नहीं बदली। आखिर कब तक बच्चों को कीचड़ से होकर स्कूल जाना पड़ेगा? क्या जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को यह समस्या दिखाई नहीं देती?
उन्होंने कहा कि यह स्कूल चंडीगढ़-पंजाब सीमा के नजदीक स्थित है और यहां पढ़ने वाले हजारों बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी प्रशासन की है। एक तरफ चंडीगढ़ को देश के बेहतर शहरों में गिना जाता है और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन दूसरी तरफ बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए अगर कीचड़ से होकर गुजरना पड़े, तो यह बेहद गंभीर और शर्मनाक स्थिति है।
समाजसेवी अरविंद सिंह ने चंडीगढ़ प्रशासन से सवाल किया कि आखिर इस समस्या का स्थायी समाधान कब होगा? क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना या बच्चों के गंभीर रूप से चोटिल होने का इंतजार कर रहा है?
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि स्कूल के आसपास के रास्ते को तत्काल पक्का किया जाए, जलभराव और कीचड़ की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए तथा बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
अरविंद सिंह ने कहा कि स्मार्ट एजुकेशन की असली तस्वीर तभी दिखाई देगी, जब स्मार्ट क्लासरूम के साथ-साथ बच्चों को स्कूल तक पहुंचने के लिए स्मार्ट और सुरक्षित रास्ता भी मिलेगा।

