मलोया स्टूडियो में सजी सूफी और भजनों की महफिल, कलाकारों ने बांधा समां

मलोया स्टूडियो में सजी सूफी और भजनों की महफिल, कलाकारों ने बांधा समां

चंडीगढ़,( ) मलोया स्थित मलोया स्टूडियो (नजदीक दुर्गा माता मंदिर) में एक बेहद खूबसूरत ‘महफिल नाइट’ का आयोजन किया गया। नवरुही मधुर्या द्वारा आयोजित इस शाम में सूफी, गजल और रूहानी संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला।कार्यक्रम की जानकारी देते हुए प्रसिद्ध गायिका पूनम शर्मा ने बताया कि इस संगीतमय शाम का मुख्य उद्देश्य दर्शकों को उत्कृष्ट संगीत के जरिए मानसिक और आत्मिक शांति का अनुभव कराना था। महफिल में मुख्य गायक कलाकार रजनीश, पूनम शर्मा, अजय पाराशर और खुद नवरुही मधुर्या ने अपनी सुरीली आवाज में एक से बढ़कर एक गीत और गजलें पेश कर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।वाद्य यंत्रों की जुगलबंदी ने मोहा मनगायकों की प्रस्तुति को और अधिक प्रभावशाली बनाने में वादक टीम (म्यूजिशियंस) का विशेष योगदान रहा।
मंच पर तबले पर तुषार, ऑक्टोपैड पर गुरप्रीत सिंह, ढोलक पर विकास, कीबोर्ड पर रणवीर सिंह और बांसुरी पर रॉमी ने अपनी बेहतरीन जुगलबंदी से शाम को यादगार बना दिया, कार्यक्रम के सफल समापन पर सभी कलाकारों और अतिथियों का धन्यवाद करते हुए मुख्य आयोजक नवरुही मधुर्या ने अपने संगीत सफर के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वह भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा से जुड़े हैं और उनका संबंध प्रसिद्ध ‘शाम चौरासी घराना’ से है। वह पिछले 17 वर्षों से न केवल पेशेवर रूप से सूफी नाइट, गजल नाइट और भजन संध्या जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम कर रहे हैं, बल्कि एक संगीत शिक्षक के रूप में नई पीढ़ी को संगीत की शिक्षा भी दे रहे हैं।कार्यक्रम के अंत में आयोजकों की तरफ से उपस्थित सभी गणमान्य लोगों और दर्शकों के लिए जलपान (रिफ्रेशमेंट) की व्यवस्था की गई थी।


