पंजाब यूनिवर्सिटी के पेंशनभोगियों में रोष, संशोधित वेतनमान का बकाया और एलटीसी भुगतान लंबित

पंजाब यूनिवर्सिटी के पेंशनभोगियों में रोष, संशोधित वेतनमान का बकाया और एलटीसी भुगतान लंबित

चण्डीगढ़ : पंजाब यूनिवर्सिटी पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर पेंशनभोगियों की लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। संघ के अध्यक्ष तिलक राज वाधवा ने कहा कि विश्वविद्यालय के कार्यरत शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से प्रभावी संशोधित वेतनमान का बकाया मार्च 2025 में जारी कर दिया गया था, लेकिन पेंशनभोगियों को अब तक उनका बकाया भुगतान नहीं किया गया है।

वाधवा ने इसे पेंशनभोगियों के साथ सौतेले व्यवहार का स्पष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि इस संबंध में कुलपति को कई पत्र और ईमेल भेजे गए, लेकिन आज तक कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इससे पेंशनभोगियों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
एसोसिएशन के अनुसार वर्ष 2016-18, 2018-20 और 2020-22 की अवधि के लिए अवकाश यात्रा भत्ता (एलटीसी) पुराने वेतनमान के आधार पर दिया गया, जबकि सभी पेंशनभोगियों को संशोधित वेतनमान का लाभ मिल चुका है। वहीं वर्ष 2022-24 की अवधि का एलटीसी भुगतान अभी तक लंबित है। पेंशनभोगी प्रत्येक दो वर्षीय अवधि के लिए एक माह की मूल पेंशन के बराबर अवकाश यात्रा भत्ता पाने के हकदार हैं।
पेंशनभोगी कल्याण संघ ने बताया कि पंजाब यूनिवर्सिटी के तीन हजार से अधिक पेंशनभोगी इन लंबित भुगतानों से प्रभावित हैं। संघ ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में पेंशनभोगियों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई शिकायत निवारण प्रकोष्ठ कार्यरत नहीं है, जबकि अन्य सरकारी विभागों में पेंशनभोगी शिकायत निवारण तंत्र उपलब्ध है।
तिलक राज वाधवा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन का रवैया पेंशनभोगियों के प्रति तानाशाही, असहयोगी और असंवेदनशील रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो पेंशनभोगियों के पास उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग करने और कानूनी सलाह लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
एसोसिएशन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से लंबित बकाया राशि और अवकाश यात्रा भत्ते का भुगतान जल्द जारी करने तथा पेंशनभोगियों की शिकायतों के निवारण के लिए एक समर्पित प्रकोष्ठ स्थापित करने की मांग की है।



