राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन में सीबीएम ने उठाए जीएसटी, एमएसएमई और वैट से जुड़े अहम मुद्दे

राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन में सीबीएम ने उठाए जीएसटी, एमएसएमई और वैट से जुड़े अहम मुद्दे
चण्डीगढ़ : सीबीएम (चण्डीगढ़ व्यापार मंडल) के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने संस्था के अध्यक्ष संजीव चड्ढा के नेतृत्व में वृंदावन में ऑल इण्डिया उद्योग व्यापार मण्डल द्वारा आयोजित राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी निभाई। सम्मेलन के दौरान सीबीएम ने चंडीगढ़ के व्यापारियों से जुड़े लंबे समय से लंबित विभिन्न मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने बाबू लाल गुप्ता को मांगों का विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा। सीबीएम अध्यक्ष संजीव चड्ढा ने जीएसटी सुधारों के तहत ईमानदार खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए सीजीएसटी एक्ट की धारा 16 में संशोधन की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यदि किसी सप्लायर का जीएसटी पंजीकरण पूर्व प्रभाव से रद्द किया जाता है तो वास्तविक खरीदारों का इनपुट टैक्स क्रेडिट प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसके अलावा निर्यात अवधि को 90 दिनों से बढ़ाकर 180 दिन करने, कंपोजिशन स्कीम डीलरों के लिए किराए पर जीएसटी को 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने तथा एफएसएसएआई प्रावधानों को और सरल बनाने की मांग भी रखी गई।
संजीव चड्ढा ने एमएसएमई नीतियों में व्यापारियों को निर्माताओं के समान लाभ देने की भी मांग की। इसमें बिना गारंटी ऋण, एमएसएमई समाधान पोर्टल के तहत भुगतान सुरक्षा तथा सरकारी योजनाओं और सब्सिडी में शामिल किए जाने की बात प्रमुख रही। प्रतिनिधिमंडल ने चंडीगढ़ में पुराने वैट मामलों के लिए पंजाब की तर्ज पर वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लागू करने की मांग भी उठाई। साथ ही पंजाब और हरियाणा के व्यापारियों की तरह चंडीगढ़ के व्यापारियों को भी समान नीतिगत लाभ और राहत प्रदान करने की बात कही गई। स्थानीय मुद्दों पर व्यापार मंडल ने पुराने भवन उपनियमों, अनुचित पेनल्टी शुल्क, नए उद्यमियों के लिए पर्याप्त सहयोग की कमी तथा ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस में प्रशासनिक देरी और जटिल प्रक्रियाओं पर चिंता जताई। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में किरण नारद, वरिंदर गुप्ता, नरेश महाजन, बलविंदर सिंह, राधे लाल बजाज सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। सीबीएम ने कहा कि वह व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए भविष्य में भी सभी उचित मंचों पर इन मुद्दों को मजबूती से उठाता रहेगा।



