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जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) कानून 2026 बेअदबी करने वालों में ‘कांबा’ छेड़ने वाला कानून है : भाई बलदेव सिंह

एसजीपीसी को कानून का विरोध करने के बजाय सहयोग देना चाहिए, अन्यथा वह गुरु विरोधी होने का प्रमाण देगी

 

ये कानून बनाना समय की मुख्य आवश्यकता था व इस कानून को लेकर खड़े किए जा रहे संदेह बेबुनियाद हैं : भाई परमजीत सिंह, एडवोकेट वडाला

 

चण्डीगढ़ : जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) कानून 2026 बेअदबी करने वालों में “कांबा छेड़ने” वाला कानून है, जिसने विरोध करने वालों को भी झकझोर दिया है। ये कहना है सिख सद्भावना दल के संरक्षक भाई बलदेव सिंह वडाला का। वे यहाँ चण्डीगढ़ प्रेस क्लब में एक पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। उनके साथ इस कानून का ड्राफ्ट तैयार कर लागू करवाने वाले डॉ. भाई परमजीत सिंह एडवोकेट ने इस अवसर पर बताया कि 13 अप्रैल को पास किए गए इस कानून में जो धाराएं जोड़ी गई हैं या संशोधन किया गया है, उसके तहत बेअदबी करने वालों को 10 से 20 साल तक की कैद और 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा तथा सख्त सजाएं दी जाएंगी।

 

इससे पहले भाई परमजीत सिंह एडवोकेट को इस कानून का ड्राफ्ट तैयार कर लागू करवाने के लिए धन्यवाद स्वरूप एक सम्मान चिन्ह भेंट किया गया। इस कानून को लागू करवाने में योगदान के लिए भाई बलदेव सिंह सिरसा, भाई सुखजीत सिंह खोसे और भाई मनिंदर सिंह को भी सम्मानित किया गया। सभी ने एक स्वर में पंजाब सरकार के इस कदम को ऐतिहासिक बताया गया तथा इस कानून को पूरे भारत और विश्व स्तर पर लागू करने की वकालत की गई।

यह भी कहा गया कि पास किए गए कानून पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ( एसजीपीसी) को विरोध करने के बजाय सहयोग देना चाहिए, अन्यथा वह गुरु विरोधी होने का प्रमाण देगी।

 

इस मौके पर भाई गुरबचन सिंह (पंजाब प्रधान), भाई गुरमीत सिंह थूही, भाई जुगविंदर सिंह स्वाजपुर (बुलारे, शेर-ए-पंजाब दल), भाई कुलदीप सिंह (चंडीगढ़), भाई अवतार सिंह (लुधियाना), भाई सरबजीत सिंह (पटियाला), भाई मनिंदर सिंह (दिल्ली), भाई मनप्रीत सिंह (दिल्ली), भाई सिमरन सिंह, भाई सतवंत सिंह, भाई निर्मल सिंह, भाई कवलजीत सिंह, भाई जरनैल सिंह (खरड़), भाई गगनप्रीत सिंह, भाई हरपिंदर सिंह, भाई सरबजीत सिंह, भाई दीदार सिंह और भाई सुखबीर सिंह थूही उपस्थित रहे।

 

भाई बलदेव सिंह वडाला ने कहा कि पहले वर्ष 2008 में शिरोमणि कमेटी द्वारा लाए गए कानून में सज़ाएं कम होने के कारण अब सरकार द्वारा संशोधन कर 2026 में इसे और सख्त बनाया गया है। उन्होंने उन लोगों की निंदा की जो इस कानून के खिलाफ गलत बयानबाजी कर रहे हैं और अफवाहें फैला रहे हैं। भाई परमजीत सिंह एडवोकेट ने स्पष्ट किया कि कानून में जो भी सख्त धाराएं जोड़ी गई हैं, वे केवल बेअदबी करने वालों के लिए हैं। उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई व्यक्ति बेअदबी करता हुआ साबित होता है और यह भी सिद्ध हो जाता है कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है, तो उसके कस्टोडियन (देखरेख करने वाले) को भी बराबर की सजा दी जाएगी। यह कस्टोडियन उसका परिवार का सदस्य भी हो सकता है या कोई अन्य व्यक्ति, जिसने उसे भेजा हो या इसके पीछे कोई एजेंसी हो, यह सब जांच का विषय होगा। यदि यह सिद्ध हो जाता है, तो जिस सजा का प्रावधान अपराधी के लिए होगा, वही सजा कस्टोडियन को भी दी जाएगी। उन्होंने सिख कौम से अपील की कि इस कानून को हर घर, हर गांव और हर राज्य में लागू करवाने के लिए सहयोग करें। साथ ही भारत सरकार से भी अनुरोध किया कि इस कानून को पूरे देश और विश्व स्तर पर लागू करने के प्रयास किए जाएं।

 

 

Ravinder Popli

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