रामदरबार में अंबेडकर जयंती पर तीन दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट, 48 टीमों ने की भागीदारी

युवाओं को नशे से दूर कर खेलों की ओर प्रेरित करने और समाज में भाईचारा व एकजुटता को बढ़ावा देने के लिए हैं कार्यरत्त : समदर्श वेद जोसेफ
रामदरबार में अंबेडकर जयंती पर तीन दिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट, 48 टीमों ने की भागीदारी 
चण्डीगढ़ : डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के 135वें जयंती अवसर पर राजस्थान खाटू सेवा समिति के तत्वावधान में रामदरबार मंडी ग्राउंड में तीन दिवसीय भव्य क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। इस टूर्नामेंट में 48 टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में खेल और सामाजिक एकता का माहौल देखने को मिला।
टूर्नामेंट की अध्यक्षता कमेटी के चेयरमैन लीलाधर स्वामी और वाइस चेयरमैन समदर्श वेद जोसेफ ने संयुक्त रूप से की। आयोजन के दौरान खिलाड़ियों के जोश और दर्शकों की भारी उपस्थिति ने कार्यक्रम को खास बना दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू, हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के सुपुत्र गौरव बेदी और भाजपा नेत्री रंजीता मेहता मौजूद रहे। इनके साथ कई सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
इस अवसर पर राष्ट्रीय मुख्य संचालक एवं धर्मगुरु भावाधस वीरेश शिव कुमार बिडला, राष्ट्रीय अध्यक्ष, युवा विंग भावाधस भारत मुकेश सिरसवाल, राष्ट्रीय संचालक, भावाधस ओमपाल सिंह चावर, वरिष्ठ नेता, वाल्मीकि समाज सुरेंद्र बेदी, सुरेश बेनीवाल, एरिया पार्षद नेहा मुसावत, ट्रैफिक इंस्पेक्टर रोहतास यादव, वाल्मीकि शोभायात्रा कमेटी चंडीगढ़ के चेयरमैन विकास चंडालिया और पंचकूला वाल्मीकि शोभायात्रा कमेटी चेयरमैन ज्योति पुहाल सहित कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने युवाओं को नशे से दूर रहने, शिक्षा को अपनाने और खेलों में सक्रिय भागीदारी करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और एकता को भी मजबूत करते हैं।
आयोजक लीलाधर स्वामी और समदर्श वेद जोसेफ ने बताया कि इस टूर्नामेंट का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर कर खेलों की ओर प्रेरित करना और समाज में भाईचारा व एकजुटता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रखे जाएंगे, ताकि युवा सही दिशा में आगे बढ़ सकें।



