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राकेश शर्मा/चंडीगढ़ : नगर निगम चुनाव में बढ़ी सियासी सरगर्मी, कांग्रेस और AAP ने उतारे अलग-अलग उम्मीदवार

चंडीगढ़ में भाजपा कैसे मेयर बना सकती है

 

BJP को जीत के लिए 1 पार्षद चाहिए: इस बार सीक्रेट बैलेट से नहीं बल्कि हाथ उठाकर वोटिंग होनी है। ऐसे में गुपचुप क्रॉस वोटिंग की संभावना नहीं है। निगम में 35 पार्षद और एक सांसद का वोट मेयर चुनाव के लिए मान्य होगा। 2 पार्षदों के पार्टी बदलने के बाद भी भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के पास 18-18 वोट हो गए हैं। ऐसे में भाजपा को अभी एक और पार्षद तोड़ना होगा, ताकि हाथ उठाकर वोटिंग के वक्त उनके पास 19 पार्षद हों।

मेयर चुनाव में 1 गैरहाजिर, BJP को सीधी जीत: अगर मेयर चुनाव के दिन विपक्षी पार्टी कांग्रेस और AAP में से किसी भी पार्टी का पार्षद बीमारी या किसी अन्य वजह से गैरहाजिर हो जाता है तो ऐसी सूरत में विरोधियों का एक वोट कम हो जाएगा और भाजपा 18 पार्षदों के बलबूते अपना मेयर बना लेगी।

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