नराकास-2 के तत्वाधान में एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ में आयोजित भव्य कवि सम्मेलन

7 अक्टूबर, 2026

हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रचार-प्रसार तथा हिंदी के प्रति जनसामान्य में रुचि एवं अनुराग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर), चंडीगढ़ में आज नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास-2), चंडीगढ़ के तत्वाधान में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नराकास-2, चंडीगढ़ के सदस्य संस्थानों ने सक्रिय सहयोग एवं सहभागिता प्रदान की। यह आयोजन हिंदी भाषा एवं साहित्य के संवर्धन के प्रति सदस्य संस्थानों की सामूहिक प्रतिबद्धता का परिचायक रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया गया। कवि सम्मेलन में आमंत्रित कवियों एवं कवयित्री श्रीमती पूनम अरोड़ा, श्री मयंक, श्रीमती अर्चिता, श्री रामायण धर द्विवेदी एवं श्री सत्यपाल सहगल ने अपनी काव्य रचनाओं की प्रस्तुति दी। उनकी सृजनात्मक एवं प्रभावशाली साहित्यिक अभिव्यक्तियों ने उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया तथा कार्यक्रम को साहित्यिक गरिमा प्रदान की।

इस अवसर पर श्री राम चंद्र जांगड़ा, पूर्व सांसद (राज्य सभा) ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अपने संबोधन में उन्होंने नराकास-2 एवं एनआईटीटीटीआर, चंडीगढ़ द्वारा कवियों को मंच प्रदान करने तथा सार्थक साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कार्यक्रम में प्रतिभागी कवियों के रचनात्मक योगदान की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कविता हृदय को स्पर्श करने, चिंतन को प्रेरित करने तथा समाज के विभिन्न वर्गों और जीवन के विविध क्षेत्रों से जुड़े लोगों को आपस में जोड़ने की अद्वितीय क्षमता रखती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आचार्य (डॉ.) भोला राम गुर्जर, निदेशक, एनआईटीटीटीआर, चंडीगढ़ एवं अध्यक्ष, नराकास-2, चंडीगढ़ ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने साहित्यिक एवं सांस्कृतिक अभिव्यक्ति की सशक्त भाषा के रूप में हिंदी के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के साहित्यिक आयोजन हिंदी के प्रति व्यापक जुड़ाव को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ प्रतिभागियों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को भी सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. सुधा तिवारी, प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) कार्यालय, हरियाणा द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. अमित गोयल ने उपस्थित
अतिथियों, कवियों, सदस्य संस्थानों तथा सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
कवि सम्मेलन हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति सम्मान एवं अनुराग को अभिव्यक्त करने वाला एक सार्थक अवसर रहा। इस आयोजन ने प्रतिभागियों को साहित्यिक एवं सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के लिए एक समृद्ध मंच प्रदान किया तथा हिंदी के प्रचार-प्रसार और उसके प्रति व्यापक सहभागिता को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


