स्वामी राजेश्वरानन्द जी महाराज ने विशाल धर्म सम्मेलन में संयुक्त परिवार, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य आदि महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर विचार रखे

स्वामी राजेश्वरानन्द जी महाराज ने विशाल धर्म सम्मेलन में संयुक्त परिवार, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य आदि महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर विचार रखे
धर्म सम्मेलन आयोजन समिति, सेक्टर 44 सी-डी की ओर से विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों के सहयोग से विशाल धर्म सम्मेलन का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम मातृ शक्ति द्वारा सैक्टर 44-सी से शुरु होकर शहीद ऊधम सिंह भवन तक कलश यात्रा निकाली गई। सम्मेलन का आरम्भ भारत माता के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलन किया गया। प्रसिद्ध भजन गायक मनीष सोनी द्वारा सरस्वती वन्दना एवं अन्य धार्मिक गीतों की बहुत ही आकर्षक प्रस्तुति से पूरा पण्डाल भक्तिमय हो गया।

कार्यक्रम में स्वामी राजेश्वरानन्द जी महाराज ने अपने आशीष वचन में सनातन धर्म और श्री गुरु तेग बहादुर जी द्वारा धर्म रक्षा हेतु दिए गए अभूतपूर्व बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला और नमन किया और भारतीय मूल्यों से राष्ट्र निर्माण विषय पर विचार रखे। उन्होंने संयुक्त परिवार, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य आदि महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर अपने विचार रखे जिसे सभी उपस्थित सज्जन शक्ति ने बहुत ध्यान से सुना। श्रीमान नरेंद्र जी (अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख) ने बतौर मुख्य वक्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों के गौरवशाली इतिहास एवं समाज हित में किये गए कार्यों की जानकारी दी। वर्तमान पीढ़ी में भारतीय मूल्यों और संस्कारों को पुनः प्रतिष्ठित करने की आवश्यकता पर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। जैन संत, डा० आचार्य श्री दिव्यानन्द जी महाराज साहब (निराले बाबा) ने अपने आशीष वचन में ने धर्म सेवा, समाज सेवा, राष्ट्र सेवा के लिए सब को आगे आने के लिए और संघ कार्य में जी जान से लगने के लिए प्रेरित किया। गुरु श्रीधर डॉ राजीव जी (मुम्बई) भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर समाज के सम्मानित सदस्यों एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों का सम्मान किया गया। धर्म सम्मेलन आयोजन समिति, सैक्टर 44 सी-डी, चण्डीगढ़ के अध्यक्ष, श्री उमेश गौतम ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और आये हुए सभी उपस्थित सज्जन एवं मातृ शक्ति का स्वागत व अभिनन्दन किया। प्रसिद्ध समाजसेवी श्री अनूप सरीन जी ने कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक संचालन किया और आये हुए सभी उपस्थित सज्जन एवं मातृ शक्ति का हार्दिक धन्यवाद किया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी करते रहेंगे ताकि समाज में एकता और समन्वय की भावना बढ़ती रहे। कार्यक्रम में लगभग 700 लोगों ने भाग लिया।




