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सांसद साहनी ने एआईएफ की सीमा बढ़ाने और आरडीएफ जारी करने की मांग की

सांसद साहनी ने एआईएफ की सीमा बढ़ाने और आरडीएफ जारी करने की मांग की

चण्डीगढ़ : राज्यसभा सांसद डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने आज संसद में सरकार से आग्रह किया कि कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) की ब्याज अनुदान परियोजना सीमा ₹2 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ की जाए तथा पंजाब के लंबे समय से लंबित ग्रामीण विकास कोष (आरडीएफ) को जारी किया जाए।

डॉ. साहनी ने कृषि मंत्री के समक्ष पंजाब को ग्रामीण विकास कोष (आरडीएफ) और मार्केट डेवलपमेंट फंड (एमडीएफ) के समर्थन में कटौती और लंबित भुगतान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 2022 में इसे एमएसपी खरीद के 6% से घटाकर 2% कर दिया गया, जबकि पंजाब हर वर्ष लगभग 1.8 करोड़ टन धान और 1.2 करोड़ टन गेहूं की खरीद संभालता है—जो सभी राज्यों से कहीं अधिक है। उन्होंने जोर दिया कि पंजाब की 64,724 किलोमीटर ग्रामीण लिंक सड़कें और 1,936 मंडियां आरडीएफ/एमडीएफ संसाधनों पर अत्यधिक निर्भर हैं और इस मुद्दे के समाधान के लिए केन्द्र–राज्य के बीच त्वरित समन्वय की मांग की।

डॉ. साहनी ने सदन में उपस्थित वित्त मंत्री से भी अनुरोध किया कि वे ग्रामीण विकास कोष पर चल रहे गतिरोध का समाधान निकालने के लिए हस्तक्षेप करें।

 

डॉ. साहनी ने कहा कि वर्तमान एआईएफ सीमा आधुनिक कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग के निर्माण के लिए अपर्याप्त है, नाबार्ड के अनुसार प्रतिवर्ष ₹1.5 लाख करोड़ की फसल भंडारण में नष्ट हो जाती है । एआईएफ सीमा के बढ़ने से भंडारण के लिए इंफ्रास्ट्रक्टर का आधुनिक निर्माण किया जा सकेगा जिससे यह नुकसान कम होगा । कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इस सुझाव का स्वागत किया और आश्वासन दिया कि इस अनुरोध पर विचार किया जाएगा।

पंजाब में एफपीओ’स के संदर्भ में डॉ. साहनी ने कहा कि उच्च पंजीकरण के बावजूद बहुत कम किसान उत्पादक संगठन सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और एआईएफ समर्थित अवसंरचना जैसे कोल्ड स्टोरेज और ग्रेडिंग यूनिट तक पहुंच बना पा रहे हैं। उन्होंने एफपीओ’स को कृषि अवसंरचना परियोजनाओं के प्रभावी एजेंसी बनाने हेतु मजबूत प्रोत्साहन और संस्थागत समर्थन की आवश्यकता बताई।

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