ईमानदार व्यापारियों को राहत, GST व्यवस्था होगी सरल और पारदर्शी: हरिश गर्ग
GST 2.0 के महत्वपूर्ण सुधारों का CAIT चंडीगढ़ चैप्टर ने किया जोरदार स्वागत


चंडीगढ़, 8 अक्टूबर 2026:
57वीं GST Council की बैठक में व्यापार एवं उद्योग जगत के हित में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का Confederation of All India Traders (CAIT), Chandigarh Chapter ने स्वागत किया है। CAIT चंडीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष श्री हरिश गर्ग ने कहा कि GST व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और व्यापारी-अनुकूल बनाने की दिशा में उठाए गए ये कदम देश के करोड़ों व्यापारियों और MSMEs के लिए राहत देने वाले हैं।

श्री हरिश गर्ग ने कहा कि तेज Refund प्रक्रिया, सरल GST Registration, genuine taxpayers के ITC की सुरक्षा तथा Compliance का बोझ कम करने जैसे सुधार व्यापारियों के लिए Ease of Doing Business को मजबूत करेंगे। इससे व्यापारियों की working capital बेहतर होगी और उन्हें कारोबार के विस्तार में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, “देश का व्यापारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ईमानदार व्यापारी को भय नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और सुविधा मिलनी चाहिए। GST व्यवस्था में किए जा रहे ये सुधार सरकार और व्यापारिक समुदाय के बीच विश्वास को और मजबूत करेंगे।”

उन्होंने केंद्र सरकार एवं GST Council द्वारा व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि GST को लगातार सरल और technology-driven बनाना विकसित भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।
CAIT Chandigarh Chapter के महासचिव श्री भीम सेन ने कहा कि GST प्रक्रियाओं के सरल होने से छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और MSMEs को विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि कम compliance burden से व्यापारी अपना अधिक समय कारोबार और ग्राहक सेवा पर दे सकेंगे।
इस अवसर पर श्री उमेश गुप्ता, श्री नरेश गर्ग, श्री राजकुमार, श्री पवन गर्ग, श्री बजरंग अग्रवाल एवं श्री अनिल सिंघल ने भी GST Council के निर्णयों का स्वागत करते हुए कहा कि व्यापार सुगमता और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने वाली यह पहल देश के व्यापारिक वातावरण को और मजबूत करेगी।
CAIT Chandigarh Chapter ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सरकार व्यापारियों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखेगी और GST से संबंधित शेष व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करते हुए एक सरल, पारदर्शी एवं व्यापारी हितैषी कर व्यवस्था को और मजबूत करेग



