चंडीगढ़ डीएवी कॉलेज के भूगोल विभाग ने आयोजित किया अभिमुखीकरण कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
शहरी नियोजन और सतत विकास में भूगोल की भूमिका पर विशेषज्ञों ने रखे विचार


(पुनीत महाजन)
चंडीगढ़, 28 अक्टूबर।डीएवी कॉलेज, सेक्टर-10, चंडीगढ़ के भूगोल विभाग की ओर से 28 अक्टूबर 2026 को कॉलेज के मिनी ऑडिटोरियम में ज्ञानवर्धक एवं सांस्कृतिक रंगों से भरपूर अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भूगोल विषय की व्यावहारिक उपयोगिता, करियर की संभावनाओं और सांस्कृतिक विविधता के महत्व से परिचित कराना था।

कर्यक्रम में चंडीगढ़ प्रशासन के डिविजनल टाउन प्लानर पदम सैनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने शहरी नियोजन (अर्बन प्लानिंग) के विकास, इसकी बढ़ती प्रासंगिकता और इस क्षेत्र में उभरते करियर अवसरों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को बदलते शहरी परिदृश्य को समझने और भविष्य की संभावनाओं के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।

भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक भुयान ने समकालीन चुनौतियों को समझने तथा सतत विकास से जुड़े मुद्दों के समाधान में भूगोल विषय की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्या डॉ. मीना नारंग ने विद्यार्थियों को शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के समग्र विकास में सहायक होती हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को करियर संबंधी उपयोगी जानकारी प्राप्त करने, भूगोल के व्यावहारिक अनुप्रयोगों को समझने और भारत की सांस्कृतिक विविधता से परिचित होने का अवसर मिला। सांस्कृतिक कार्यक्रम में गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और मणिपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हुए मनमोहक नृत्य एवं गीत प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों ने भारत की विविध परंपराओं और राष्ट्रीय एकता की भावना को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम में भूगोल विभाग तथा अन्य विभागों के प्राध्यापक भी उपस्थित रहे। भूगोल सोसायटी की अध्यक्ष मिमांसा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि, शिक्षकों और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायक वातावरण में हुआ। इस आयोजन ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक सहभागिता, सांस्कृतिक जागरूकता और सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देने के साथ समग्र शिक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया।

