दिवाली से पहले डीसी रेट का 2% बढ़ा हुआ लाभ, लंबित वेतन और एरियर जारी करने की मांग को लेकर कर्मचारियों की सांकेतिक सामूहिक भूख हड़ताल
कोऑर्डिनेशन कमेटी ने प्रशासक के नाम एडीसी अमनदीप सिंह भट्टी को सौंपा मांग-पत्र, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी


Report : Punit Mahajan
चंडीगढ़। 28 अक्टूबर आउटसोर्स कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ गवर्नमेंट एंड एमसी एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स, यूटी चंडीगढ़ की ओर से सेक्टर-17 स्थित अंडरब्रिज मार्केट में सांकेतिक सामूहिक भूख हड़ताल की गई। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन से दिवाली से पहले 2 प्रतिशत संशोधित डीसी रेट का लाभ, 1 अप्रैल 2026 से बकाया एरियर, लंबित वेतन और बोनस जारी करने की मांग उठाई। कमेटी ने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासक के नाम मांग-पत्र एडीसी अमनदीप सिंह भट्टी को सौंपा।

भूख हड़ताल में कोऑर्डिनेशन कमेटी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। सभी ने एकजुट होकर प्रशासन से कर्मचारियों की लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। इस अवसर पर जॉइंट टीचर एसोसिएशन चंडीगढ़ के प्रतिनिधि रणबीर कुमार ने भी पहुंचकर कमेटी के संघर्ष को समर्थन दिया। उनकी भागीदारी को विभिन्न कर्मचारी संगठनों के बीच एकता और आपसी सहयोग का प्रतीक बताया गया।

समय पर वेतन और एरियर जारी करने की मांग
कऑर्डिनेशन कमेटी ने मांग की कि आउटसोर्स कर्मचारियों को 2 प्रतिशत संशोधित डीसी रेट का लाभ दिवाली से पहले दिया जाए और 1 अप्रैल 2026 से इसका बकाया एरियर जारी किया जाए। इसके साथ ही कर्मचारियों का लंबित वेतन और बोनस जारी करने तथा प्रत्येक माह की 7 तारीख तक वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।
कमेटी ने कहा कि वेतन और अन्य वित्तीय लाभ समय पर नहीं मिलने से कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए प्रशासन को इस मामले में जल्द कार्रवाई करते हुए कर्मचारियों को उनका जायज हक दिलाना चाहिए।
श्रम कानूनों और कर्मचारियों के अधिकारों की पालना पर जोर
कर्मचारी नेताओं ने मांग की कि कर्मचारियों को निर्धारित 15 वार्षिक छुट्टियों का लाभ दिया जाए। चंडीगढ़ प्रशासन के निर्देशों और सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) एग्रीमेंट की शर्तों को सख्ती से लागू किया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके अलावा श्रम कानूनों और कर्मचारियों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा, उपयुक्त सरकारी एजेंसी के माध्यम से नियुक्ति पर विचार, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था लागू करने की मांग भी की गई।
कर्मचारी नेताओं ने एकजुट होकर उठाई आवाज
इस अवसर पर कोऑर्डिनेशन कमेटी के प्रधान सतिंदर सिंह, महासचिव राकेश कुमार, कन्वीनर रघुवीर चंद, चेयरमैन सुरेश कुमार, वरिष्ठ उपप्रधान राजिंदर कुमार शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान बलविंदर सिंह पबला, निर्मल सिंह, रजिंदर सिंह, कैशियर किशोरी लाल, एमसी रोड राजिंद्रन, टॉपलेन, राम दुलारे, रिटायर मंच से गुरुदेव सिंह, वाटर सप्लाई सेक्रेटरी दीपक धीमान, अमित शर्मा, प्रेम पाल, संजय कांगड़ा, सुखी, नरेश कुमार और राहुल वैद सहित अन्य कर्मचारी नेताओं ने अपने विचार रखे।
नेताओं ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। विशेष रूप से संशोधित डीसी रेट का लाभ, बकाया एरियर और लंबित वेतन जारी नहीं होने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग-पत्र पर गंभीरता से विचार कर जल्द ठोस कार्रवाई करने की अपील की।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो जारी रहेगा संघर्ष
कोऑर्डिनेशन कमेटी ने स्पष्ट किया कि सांकेतिक सामूहिक भूख हड़ताल कर्मचारियों की एकजुटता और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कमेटी ने प्रशासन से दिवाली से पहले कर्मचारियों की लंबित वित्तीय मांगों का समाधान करने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में संघर्ष के अन्य कार्यक्रम भी जारी रखे जाएंगे।

