ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा: अलका लांबा
पहली नवंबर की दिल्ली महारैली में देशभर


चंडीगढ़, 27 अक्टूबर। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और मताधिकार की रक्षा के लिए कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है।

चंडीगढ़ के सेक्टर-35 स्थित राजीव गांधी भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अलका लांबा ने बताया कि आगामी 1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाली कांग्रेस की महारैली में देशभर से बड़ी संख्या में महिलाएं भाग लेंगी। इस दौरान उन्होंने चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लक्की के साथ महारैली का पोस्टर भी जारी किया।

अलका लांबा ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि जनता का वोट उसकी सबसे बड़ी ताकत है और मतदाताओं के अधिकारों को कमजोर करने के किसी भी प्रयास का विरोध किया जाएगा।
इस अवसर पर चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह महारैली को कमजोर करने का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने के प्रयास सफल नहीं होंगे।
लक्की ने ज्ञानेश कुमार की जवाबदेही और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के संघर्ष को जारी रखने की बात कही। वहीं, चंडीगढ़ महिला कांग्रेस की अध्यक्ष नलिनी हुड्डा ने मतदाता सूचियों से पात्र लोगों के नाम हटाए जाने को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मताधिकार की रक्षा के लिए कांग्रेस इस मुद्दे को हर वार्ड और मोहल्ले तक ले जाएगी।
बैठक में दिल्ली महारैली की तैयारियों, संगठनात्मक गतिविधियों और महिलाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर महिला कांग्रेस की प्रभारी साक्षी चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा के लिए एकजुट होकर दिल्ली महारैली में भाग लें।



