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Ravinder Popli : योगी होने के बजाय उपयोगी होना ज्यादा अच्छा है : नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज

चण्डीगढ़ : दशहरा मैदान, सैक्टर 56 में नृसिंह भक्ति सेवा संस्थान भारतवर्ष के सानिध्य में चल रही कृष्ण कथा गोपी गीत महायज्ञ के पांचवें दिन नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने कहा कि चंदन से वंदन ज्यादा शीतल होता है योगी होने के बजाय उपयोगी होना ज्यादा अच्छा है प्रभाव अच्छा होने के बजाय स्वभाव अच्छा होना ज्यादा जरूरी है। प्रेम और शरण दोनों ही ईश्वर के प्रसाद हैं, उनकी कृपा से ही मिलते हैं। ईश्वर की मौज में रहना ही परमात्मा की मौज में रहना है। संतों की शरण परमात्मा की शरण हैं। कबीर साहिब शरण की अवस्था को एक मुर्दे का दृष्टांत देकर समझाते हैं। मुर्दे को उत्तम वस्त्र पहनाया जाएँ तो वह खुशी नहीं मनाता और उसे चिथड़ों में लपेटा जाए तो नाराज वह नहीं होता, और न वह चाहता है कि उसे पालकी में रखा जाए और न ही कठोर जमीन पर लिटाए जाने पर कोई शिकायत करता है। इसी प्रकार एक सच्चा प्रेमी हर सांसारिक अवस्था को प्रियतम की इच्छा मानकर खुशी-खुशी स्वीकार करता है। वह जहां परमात्मा के प्रेम में इतना डूबा रहता है वहीं अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पण में लगा रहता है आराम और तकलीफ, सुख और दुख में वह कोई फर्क ही नहीं कर पाता। सच्चा प्रेमी प्रियतम से किसी वस्तु की याचना नहीं करता यहां तक के अपनी मुक्ति की भी नहीं। आज कथा में साध्वी मां देवेश्वरी, आज के मेहमान सत्यपाल जैन, एडीशनल सॉलिसिटर जनरल भारतवर्ष एवं पूर्व सांसद चण्डीगढ़, कुंवर सिंह पंवार, एक्सपर्ट हैण्ड कैटरिंग के मालिक एवं नृसिंह भक्ति सेवा संस्थान चण्डीगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष, हिन्दू तख्त के राष्ट्रीय प्रवक्ता अशोक तिवारी, स्वामी सोहृम गिरी, गढ़वाल सभा चण्डीगढ़ के पूर्व प्रधान कुन्दन लाल उनियाल, गौ क्रांति मंच के प्रधान सुरेंद्र जोशी एवं बड़ी संख्या में सनातनी भक्त उपस्थित रहे।

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