सीपीडीएल द्वारा बिल देर से भेजे जाने और अनुचित अतिरिक्त पेनल्टी लगाए जाने के मामले में त्वरित कार्रवाई करने की मांग

सीपीडीएल द्वारा बिल देर से भेजे जाने और अनुचित अतिरिक्त पेनल्टी लगाए जाने के मामले में त्वरित कार्रवाई करने की मांग
चण्डीगढ़ : शहर के विभिन्न सेक्टरों और गांव क्षेत्रों में बिजली विभाग के निजीकरण के बाद सीपीडीएल कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को बिल समय पर नहीं भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही, विलंब शुल्क (पेनल्टी) भी थोप दी जा रही है, जो कंपनी की गलती के बावजूद जनता पर लगाया जा रहा है। यह कार्रवाई मानवाधिकारों का उल्लंघन है और बिजली बिल वितरण में कंपनी की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। ये कहना है वॉयस फॉर फंडामेंटल राइट्स, कजहेड़ी, सेक्टर 52 के अध्यक्ष विक्रम सिंह का।
उन्होंने आज यहाँ जारी एक प्रेस बयान में कहा कि नवंबर–दिसंबर 2025 के कई उपभोक्ताओं को बिल समय पर प्राप्त नहीं हुए, जबकि बाद में बिल भेजे गए और उसमें पेनल्टी जोड़ दी गई। जब बिल घर-घर तक नहीं पहुंचे, तो समय पर भुगतान कैसे किया जा सकता है? विभागीय गलती का बोझ जनता पर डालना पूर्णत: अन्यायपूर्ण है।
उधर इसी सिलसिले में सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद सिंह ने बताया कि वे सार्वजनिक व समर्थ व्यक्ति हैं, परन्तु उन्हें स्वयं सीपीडीएल के अधिकारी से संपर्क कर व्हाट्सएप के माध्यम से बिल प्राप्त हो पाया। उन्होंने कहा कि हर उपभोक्ता के पास अधिकारियों का नंबर होना संभव नहीं है। जिन लोगों तक अब तक बिल नहीं पहुंचा, उनके साथ यह सीधा आर्थिक एवं मानसिक अन्याय है।


इन सभी ने मांग की कि प्रत्येक क्षेत्र में विशेष कैंप आयोजित कर सभी उपभोक्ताओं को मौके पर बिल उपलब्ध कराए जाएं, जहां भुगतान उपभोक्ता की गलती से लंबित है, वहां नियम अनुसार पेनल्टी लागू की जाए, लेकिन जहां कंपनी की लापरवाही के कारण पेनल्टी लगाई गई है, उसे तत्काल प्रभाव से हटाया
जाए।


