रविन्द्र पोपली /चंडीगढ़: रे मन ! ऐसो करि संनिआसा…

रविन्द्र पोपली/चण्डीगढ़ : सिखों के दशम गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का प्रकाश पर्व में बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सेक्टर 8-सी स्थित गुरुद्वारा पातशाही दसवीं में भाई लखविंदर सिंह चण्डीगढ़ वालों ने अपने रागी जत्थे के साथ कीर्तन किया। उन्होंने रे मन! ऐसो करि संनिआसा, देहु शिवा वर मोहि इहै, प्राणी! परमपुरुष पग लागो, गइ आइ दसो दिसि ते, रूखन ते रस चूवन लाग, मुख जाहि निसापति की सम है आदि श्री गुरु गोबिंद सिंह रचित शबद सुनाए।
इस अवसर पर आयोजित दीवान में भाई लखविंदर सिंह चंडीगढ़ वालों सुमित कई रागी जत्थों ने पवित्र गुरबाणी पर आधारित शब्द कीर्तन का गायन किया, जिससे संगत निहाल हुई। कार्यक्रम की समाप्ति के बाद गुरु का अटूट लंगर बरताया गया। भाई लखविंदर सिंह चण्डीगढ़ वालों ने कहा कि सिख पंथ के संस्थापक श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की मानवता के प्रति निःस्वार्थ सेवा हम सभी के लिए सदा प्रेरणास्रोत रहेगी।



