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चण्डीगढ़ साहित्य अकादमी की ‘हास्य-व्यंग्य गोष्ठी’ में क्षेत्र के जाने-माने साहित्यकारों ने शिरकत की  

हास्य-व्यंग्य साहित्य समाज का दर्पण है, जो विसंगतियों को उजागर कर सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देता है : डॉ. मनमोहन सिंह

 

चण्डीगढ़ साहित्य अकादमी की ‘हास्य-व्यंग्य गोष्ठी’ में क्षेत्र के जाने-माने साहित्यकारों ने शिरकत की

चण्डीगढ़ : चण्डीगढ़ साहित्य अकादमी द्वारा रानी लक्ष्मी बाई भवन, सेक्टर-38सी स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित ‘हास्य-व्यंग्य गोष्ठी’ अत्यंत सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। कार्यक्रम में शहर के साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों एवं साहित्य प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। निहाल चंद डोगरा, वित्तीय सलाहकार, कला परिषद चंडीगढ़ विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे।

गोष्ठी में प्रख्यात वक्ताओं डॉ. दलजीत कौर, प्रेम विज, डॉ. गुरमीत सिंह बेदी एवं सुभाष शर्मा ने अपने विचारों और व्यंग्यात्मक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। वक्ताओं ने समसामयिक सामाजिक एवं राजनीतिक परिदृश्यों पर तीखे किंतु स्वस्थ व्यंग्य के माध्यम से प्रकाश डाला। उनकी प्रस्तुतियों में हास्य के साथ-साथ गंभीर संदेश भी निहित था, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा और तालियों की गूंज से सभागार गुंजायमान हो उठा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अकादमी के चेयरमैन डॉ. मनमोहन सिंह ने की, जबकि वाइस-चेयरमैन डॉ. अनीश गर्ग एवं सचिव सुभाष भास्कर विशेष रूप से उपस्थित रहे। अपने संबोधन में डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि हास्य-व्यंग्य साहित्य समाज का दर्पण है, जो विसंगतियों को उजागर कर सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देता है। इस कार्यक्रम में विशेष तौर पर डा निर्मल सूद, विमला गुगलानी, डा ओशीन शर्मा, नीलम नारंग, संगीता शर्मा कुंद्रा, अमृत सोनी, आर के भगत, जयवीश मल्ही, दमन सिंह थिंड उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं का आभार व्यक्त किया गया तथा उपस्थित साहित्य प्रेमियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। यह गोष्ठी साहित्यिक जगत में एक यादगार आयोजन के रूप में स्थापित हुई।

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