पहले उद्घाटन 2022 में मेयर बनकर सरबजीत कौर के द्वारा हुआ, फिर 2026 में वही उद्घाटन वार्ड पूर्व मेयर और पार्षद सरबजीत कौर जी वार्ड नंबर 6 ने फिर कर दिया
पर कार्य के नाम पर अभी काम अधूरा , प्रवेश मार्ग का सवाल—3 ब्लॉक अब भी अधूरे, निवासियों ने पूछा: आखिर भेदभाव क्यों?


मनीमाजरा |
Modern Housing Complex के Category-IV में 7 ब्लॉकों के प्रवेश मार्गों को चौड़ा करने का प्रस्ताव लंबे समय से चर्चा में है। स्थानीय निवासियों के अनुसार इस कार्य को लेकर 2022 में भी उद्घाटन किया गया था, लेकिन वर्षों बाद भी सभी ब्लॉकों में काम पूरा नहीं हो पाया है। अब चुनावी माहौल के बीच एक बार फिर उद्घाटन और काम को लेकर गतिविधियां तेज होने से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जनता को सुविधा कब मिलेगी और काम पूरी तरह कब समाप्त होगा?

7 ब्लॉकों का अनुमान बना तो 3 ब्लॉकों का क्या हुआ?
निवासियों का कहना है कि जब सातों ब्लॉकों के प्रवेश मार्गों के लिए एस्टीमेट तैयार किया गया था, तो अब उन तीन ब्लॉकों के कार्य की स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं है, जिनके रास्ते अभी भी अधूरे बताए जा रहे हैं?
स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग सार्वजनिक रूप से बताए—
सातों ब्लॉकों के लिए कुल कितना एस्टीमेट तैयार हुआ था?

प्रत्येक ब्लॉक के लिए कितनी राशि स्वीकृत/निर्धारित हुई?
जिन तीन ब्लॉकों का काम अधूरा है, उनका शेष बजट कितना है?
काम पूरा न होने का आधिकारिक कारण क्या है?
यदि राशि जारी हुई थी तो उसका उपयोग किस मद में हुआ?
निवासियों का आरोप है कि जानकारी स्पष्ट नहीं होने के कारण तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। हालांकि किसी राशि के गबन या दुरुपयोग का निष्कर्ष बिना आधिकारिक रिकॉर्ड के नहीं निकाला जा सकता।
प्रधान तलविंदर सिंह ने दी आंदोलन की चेतावनी
Category-IV RWA के प्रधान तलविंदर सिंह का कहना है कि सभी ब्लॉकों के निवासियों को समान सुविधा मिलनी चाहिए। उनके अनुसार यदि अधूरे ब्लॉकों के प्रवेश मार्ग का कार्य जल्द पूरा नहीं किया गया तो RWA की ओर से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
उनका कहना है कि मामला किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि Category-IV के निवासियों की मूलभूत सुविधा और समान व्यवहार का है।
निवासियों का सीधा सवाल—कुछ ब्लॉकों के साथ भेदभाव क्यों?
स्थानीय निवासियों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि योजना सातों ब्लॉकों के लिए थी तो कुछ ब्लॉकों में काम और कुछ में अधूरापन क्यों?
एक निवासी के अनुसार:
“हमें उद्घाटन की तस्वीर नहीं, पूरा रास्ता चाहिए। अगर 2022 पार्षद में इसका उद्घाटन हो चुका था तो 2026 में भी वही समस्या क्यों खड़ी है?”
दूसरे निवासी ने कहा:
“किसी भी ब्लॉक के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। विभाग स्पष्ट करे कि तीन ब्लॉकों का काम कब और किस बजट से पूरा होगा।”
MC को सीधे शिकायत करने पर भी सवाल
कुछ निवासियों का यह भी कहना है कि जब वे नगर निगम के संबंधित अधिकारियों से सीधे अपनी समस्याएं रखते हैं, तो कई बार उन्हें यह कहकर प्रक्रिया आगे बढ़ाने से रोका जाता है कि पहले पार्षद सरबजीत कौर वार्ड नंबर 6 के पति जग्गा से पूछा जाए।
यदि ऐसा हो रहा है तो यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि नगर निगम की शिकायत व्यवस्था में नागरिकों की सीधी शिकायत का अधिकार और प्रक्रिया क्या है?
जनता का काम किसी निर्वाचित प्रतिनिधि के माध्यम से ही होगा या नागरिक निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के तहत सीधे अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं—इस पर भी प्रशासन को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।
2022 से 2026 तक—फीता या फाइनल काम?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि 2022 में उद्घाटन के बावजूद यदि 2026 में भी तीन ब्लॉक अधूरे हैं, तो जिम्मेदारी किसकी है?
निवासियों की मांग सीधी है—
उद्घाटन की राजनीति नहीं, पूरे काम का हिसाब चाहिए।
एस्टीमेट चाहिए, स्वीकृति की जानकारी चाहिए और अधूरे तीन ब्लॉकों के काम की निश्चित समयसीमा चाहिए।
जनता को श्रेय की राजनीति से ज्यादा जरूरी अपने घर तक सुरक्षित और सुविधाजनक रास्ता चाहिए।



