सेंट स्टीफन स्कूल के संस्थापक-निदेशक स्वर्गीय हेरोल्ड कार्वर की पर्यावरण संरक्षण की दूरदर्शी सोच को आगे बढ़ाने हेतु कार्यशाला आयोजित
विद्यार्थियों में प्रकृति-पयार्वरण के प्रति जिम्मेदारी जगाएं : संजीव कुमार सिंगला, शिक्षा अधिकारी


चण्डीगढ़ : सेंट स्टीफन स्कूल, सेक्टर-45बी ने पर्यावरण विभाग, चंडीगढ़ के सहयोग से आज “औषधीय पौधों की खेती एवं मूल्य संवर्धन” विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय शिक्षक कार्यशाला का आयोजन किया।

कार्यशाला का उद्देश्य सेंट स्टीफन स्कूल के संस्थापक-निदेशक स्वर्गीय हेरोल्ड कार्वर की पर्यावरण संरक्षण की दूरदर्शी सोच को आगे बढ़ाना तथा विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति सम्मान और पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।
इस अवसर पर शिक्षा अधिकारी, यूटी चंडीगढ संजीव कुमार सिंगला, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
विद्यालय के प्रधानाचार्य बैरी फ्रांसिस ने स्वागत भाषण में विद्यालय की हर्बल नर्सरी को चंडीगढ़ के विभिन्न विद्यालयों के लिए एक प्रेरक व उपयोगी संसाधन बताया। उन्होंने बताया कि विद्यालयों को निःशुल्क औषधीय पौधे उपलब्ध करवाकर हर्बल गार्डन विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
मुख्य अतिथि संजीव कुमार सिंगला ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता उनके संस्कारों का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को औषधीय पौधों के महत्व के बारे में जागरूक करने का आह्वान किया।
इस मौके पर हर्बल प्लांट्स एजुकेटर, ओम प्रकाश मनौली ने चंडीगढ़ के ईको क्लबों द्वारा किए जा रहे कार्यों तथा स्थानीय औषधीय पौधों एवं उनके पारंपरिक उपयोगों की जानकारी दी। डॉ. पुष्करवीर सिंह भाटिया, आयुर्वेदिक चिकित्सक, ने सत्यानाशी, गोखरू, अश्वगंधा, गिलोय और सर्पुंखा जैसे औषधीय पौधों के पारंपरिक ज्ञान एवं उपयोगों पर प्रकाश डाला।
पर्यावरणविद् एवं प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. अरुण ने बच्चों को प्रकृति और पारंपरिक ज्ञान से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। श्रीमती बलजिंदर कौर, एसोसिएट कोऑर्डिनेटर, ईको क्लब्स ऑफ चंडीगढ़, ने प्राकृतिक सामग्री से हर्बल होली रंग बनाने की विधि का प्रदर्शन किया तथा उनके पर्यावरण-अनुकूल लाभों पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला के समापन पर विद्यालय की समन्वयक श्रीमती सुमन मल्होत्रा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया और आयोजकों, विशेषज्ञों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों के महत्वपूर्ण योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।


