news

पंजाब नशे के कारण एक और पीढ़ी को खोने का जोखिम नहीं उठा सकता : सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी

विपक्षी नेताओं पर अंडे फेंकना तथा उन पर हमला करना अस्वीकार्य है। मुकाबला निष्पक्ष होने दीजिए : रवनीत सिंह बिट्टू

 

 

नशे की चपेट में 66 लाख लोग, 10–17 वर्ष आयु के 6.97 लाख बच्चे प्रभावित

 

साहनी ने नशे के खिलाफ एकजुट लड़ाई का आह्वान किया

चण्डीगढ़ : राज्यसभा सांसद डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने आज कहा कि पंजाब नशे के कारण एक और पीढ़ी को खोने का जोखिम नहीं उठा सकता। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भाजपा ने ‘नशामुक्त पंजाब यात्रा’ का शुभारंभ किया है, जो 18 से 30 सितंबर तक पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों से होकर गुजरेगी।

 

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता संबंधी संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट, जिसका शीर्षक “युवा व्यक्तियों में नशे का दुरुपयोग: समस्याएं और समाधान” था और जिसमें विपक्षी दलों के 11 सांसद भी शामिल थे, का हवाला देते हुए डॉ. साहनी ने कहा कि संसदीय समिति की रिपोर्ट में पहले अनुमान लगाया गया था कि पंजाब में लगभग 66 लाख लोग नशे की समस्या से प्रभावित हैं, जिनमें 10 से 17 वर्ष की आयु के 6.97 लाख बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2026 में सामने आए हालिया आंकड़ों में, पीजीआई के शोध का हवाला देते हुए, पंजाब में 30 लाख से अधिक लोग नशे का सेवन करने वाले तथा लगभग इतनी ही संख्या में अफीम का सेवन करने वाले लोगों का अनुमान लगाया गया है।

 

डॉ. साहनी ने कहा, “लगभग सात लाख बच्चों का नशे की गिरफ्त में होना महज एक आंकड़ा नहीं है—यह पंजाब के परिवारों के लिए एक त्रासदी और हमारे भविष्य के लिए एक चेतावनी है। ये हमारे बेटे-बेटियां और हमारे परिवार हैं। नशे के खिलाफ लड़ाई राजनीति से ऊपर उठकर पंजाब का सामूहिक मिशन बननी चाहिए।”

 

नशे को समाप्त करने को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा बार-बार दी गई समय-सीमाओं पर सवाल उठाते हुए डॉ. साहनी ने कहा कि पंजाब को एक और समय-सीमा नहीं, बल्कि परिणाम चाहिए। उन्होंने कहा कि आंकड़े स्पष्ट बताते हैं कि इस संकट से निपटने के लिए नशे की आपूर्ति और मांग दोनों पर लगातार कार्रवाई, साथ ही पुनर्वास और समाज में पुनः एकीकरण की आवश्यकता है।

 

डॉ. साहनी ने कहा कि नशामुक्त पंजाब यात्रा इस अभियान को सीधे राज्य के लोगों और समुदायों तक लेकर जाएगी।

 

उन्होंने कहा, “यह लड़ाई वातानुकूलित दफ्तरों में बैठकर नहीं लड़ी जा सकती। हम हर घर, हर गांव और हर मोहल्ले तक जाएंगे, परिवारों की बात सुनेंगे और अपने युवाओं के साथ खड़े होंगे। पंजाब के युवाओं को कौशल, रोजगार, सम्मान और नशामुक्त भविष्य का अधिकार है।”

 

उन्होंने बताया कि उन्होंने 19 सरकारी नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों को गोद लिया है, जहां बुनियादी ढांचे, काउंसलिंग, कौशल विकास, जिम, योग और ध्यान जैसी सुविधाओं के लिए सहयोग दिया जा रहा है। डॉ. साहनी के अनुसार, पिछले एक वर्ष के दौरान 1,000 युवाओं को रोजगार दिलाया गया है और 250 अन्य युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में सहायता प्रदान की गई है।

 

डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने कहा, “नशे की लत में फंसे एक युवा को दूसरा अवसर चाहिए—कौशल, रोजगार और सम्मान का अवसर। पुनर्वास का परिणाम समाज में पुनः एकीकरण होना चाहिए, दोबारा नशे की गिरफ्त में लौटना नहीं।”

 

केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर देते हुए डॉ. साहनी ने बीएसएफ, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और पंजाब पुलिस को शामिल करते हुए एक संयुक्त एंटी-ड्रग टास्क फोर्स गठित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इसे एकीकृत खुफिया तंत्र और स्पष्ट जवाबदेही के साथ मजबूत किया जाना चाहिए।

 

डॉ. साहनी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बार-बार किए गए वादों के बावजूद रोजगार की कमी और स्पष्ट कृषि एवं किसान नीति का अभाव पंजाब के युवाओं में निराशा पैदा कर रहा है। युवा न तो कृषि को अपना भविष्य बनाना चाहते हैं और न ही उन्हें पर्याप्त रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, जिसके कारण वे नशे की आसानी से उपलब्धता के प्रति अधिक संवेदनशील होते जा रहे हैं।

 

उन्होंने कहा, “इसलिए पंजाब को केंद्र और राज्य सरकार के बीच एक टीम के रूप में काम करने की आवश्यकता है और पंजाब से नशे के संकट को समाप्त करने के लिए ऐसा समन्वित दृष्टिकोण केवल भाजपा ही सुनिश्चित कर सकती है।”

 

डॉ. साहनी ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर कथित हमले की भी कड़ी निंदा की। बिट्टू नशामुक्त पंजाब यात्रा में शामिल होने के लिए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर पत्थर और अंडे फेंकना तथा वाहनों को नुकसान पहुंचाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।

 

उन्होंने कहा, “धमकी और डराने-धमकाने की कोशिशें इस आंदोलन को रोक नहीं सकतीं। इससे हमारा संकल्प और मजबूत होता है कि हम नशे से प्रभावित हर परिवार के साथ खड़े रहें। वे एक गलत मिसाल कायम कर रहे हैं और लोकतंत्र में विपक्षी नेताओं पर अंडे फेंकना तथा उन पर हमला करना अस्वीकार्य है। मुकाबला निष्पक्ष होने दीजिए।”

 

डॉ. साहनी ने कहा कि पंजाब के युवाओं को अवसर, रोजगार और सम्मान दिया जाना चाहिए, न कि उन्हें नशे की लत के हवाले कर उनके भविष्य को निर्धारित होने दिया जाए।

 

डॉ. साहनी ने कहा, “पंजाब की विरासत साहस, उद्यम और उपलब्धियों की है, न कि नशे की। नशामुक्त पंजाब, उज्ज्वल पंजाब—यही हमारा संकल्प है।”

 

नशामुक्त पंजाब यात्रा 30 सितंबर तक पंजाब की

सभी 117 विधानसभा सीटों में जारी रहेगी।

Ravinder Popli

House No. 3592, Sector 35 D, Chandigarh 9988293592/9780863592

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *